फिट इंडिया अभियान शुरू, स्वार्थ से स्वास्थ्य की ओर जाने का आह्वान 

फिट इण्डिया अभियान का श्रीगणेश कर भाषण देते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय खेल दिवस यानी 29 अगस्त 2019 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंदिरा गाँधी स्टेडियम में फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा- बैडमिंटन हो, टेनिस हो, एथलेटिक्स हो, बॉक्सिंग हो, कुश्ती हो या फिर दूसरे खेल, हमारे खिलाड़ी हमारी उम्मीदों और आकांक्षाओं को नये पंख लगा रहे हैं। स्पोर्ट्स का सीधा नाता है फिटनेस से लेकिन आज जिस फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत हुई है, उस का विस्तार स्पोर्ट्स से भी आगे बढ़कर है। फिटनेस एक शब्द नहीं है; बल्कि स्वस्थ और समृद्ध जीवन की एक ज़रूरी शर्त्त है।’’
आज यानी 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 114वीं जयंती है। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को भारत में ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामना देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद के रूप में देश को एक महान स्पोर्ट्सपर्सन मिले थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मेजर ध्यानचंद ने अपनी फिटनेस, स्टेमिना और हॉकी से दुनिया को मंत्र-मुग्ध कर दिया था। मैं उन्हें नमन करता हूँ, आज के दिन फिट इंडिया मूवमेंट जैसा पहल लॉञ्च करने के लिए, हेल्दी इंडिया की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाने के लिए मैं खेल मंत्रालय और युवा विभाग को बहुत बहुत बधाई देता हूँ। आज का यह दिन हमारे उन युवा खिलाड़ियों को बधाई देने का भी है, जो निरंतर दुनिया के मंच पर तिरंगे की शान को नयी बुलंदी दे रहे हैं।
फिट भारत अभियान का श्रीगणेश करने के दौरान पीएम ने कहा- समय कैसे बदला है, उस का एक उदाहरण मैं आप को देता हूँ- कुछ दशक पहले तक एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में 8-10 किलोमीटर पैदल चल ही लेता था। फिर धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी बदली, आधुनिक साधन आये और व्यक्ति का पैदल चलना कम हो गया। अब स्थिति क्या है? टेक्नोलॉजी ने हमारी ये हालत कर दी है कि हम चलते कम हैं और अब वही टेक्नोलॉजी हमें गिन-गिन के बताती है कि आज आप इतने स्टेप्स चले, अभी 5 हजार स्टेप्स नहीं हुए, 2 हजार स्टेप्स नहीं हुए, अभी और चलिए।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा- भारत में डाइबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियाँ बढ़ती जा रही हैं। आजकल हम सुनते हैं कि हमारे पड़ोस में 12-15 साल का बच्चा डाइबिटिक है। पहले सुनते थे कि 50-60 की उम्र के बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है लेकिन अब 35-40 साल के युवाओं को हार्ट अटैक आ रहा है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि अमेरिका, जर्मनी, चीन जैसे कई देशों में नागरिकों को स्वस्थ और फिट रखने की योजनाएँ चल रही हैं। निश्चय ही इस अभियान का असर देशभर में पड़ेगा।

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